Featured दुश्मन को बर्बाद करने की दुआ

दुश्मन को बर्बाद करने की दुआ


Har koi yahi chahata hi ki uske jeevan me kabhi bhi kisi se koi dushmani na ho aur na hi vah kisi ke sath kabhi ladayi jhagda kare. Lekin logo ke beech rhane se kabhi na kabhi kisi baat ko lekar ladayi ya bahas ho hi jati hai. Jise ki vah ek dusre se dushamni kar lete hai. Aur ek dusre ke jaan ke khatra ban jate hai. Jise ki ki unka jeevan barbaad hone lag jata hai. Ve log apne dushman se badla lene ke apne dushman ko barbaad karne ki dua karna chahate hai jise ki vah apne dushman se apni barbaadi ka badla le sake aur usse apna pichha chhora sake.

Dushman ko barbad karne ki dua

दुश्मन को बर्बाद करने की दुआ:- हर कोई यही चाहता है| कि उसके जीवन में कभी भी किसी से कोई दुश्मनी न हो और न ही वह किसी के साथ कभी लड़ाई झगड़ा करे| लेकिन लोगो के बीच रहने से कभी न कभी किसी बात को लेकर लड़ाई या बहस हो ही जाती है| जिसे की वह एक दूसरे से दुश्मनी कर लेते है| और एक दूसरे के जान के खतरा बन जाते है| जिसे की कि उनका जीवन बर्बाद होने लग जाता है| वे लोग अपने दुश्मन से बदला लेने के अपने दुश्मन को बर्बाद करने की दुआ करना चाहते है| जिसे की वह अपने दुश्मन से अपनी बर्बादी का बदला ले सके और उससे अपना पीछा छोरा सके|

Dushman ko tbah karne ki dua

Agar kisi ke jeevan me koi uska dushman hai to use apne dainik jeevan me kayi tarah ka samsya ka samna karna padta hai. Dushman un logo ka jeena haram kar deta hai aur hamesha koi na koi muskil paida karta rahta hai. Jab kisi ke sath dushmani hoti hai to us vyakti ka bahut jyada samay aur paise ki barbaadi hoti hai. Aur uska jeevan buri tarah se barbad ho jata hai.vah vykti apne dushman se badla lene ke liye dushman ko barbaad karne ki dua karna chahta hai lekin vah apne dushman se badala lene me safal nhi mil pata hai.

दुश्मन को तबाह करने की दुआ

अगर किसी के जीवन में कोई उसका दुश्मन है| तो उसे अपने दैनिक जीवन में कई तरह का समस्या का सामना करना पड़ता है| दुश्मन उन लोगो का जीना हराम कर देता है| और हमेशा कोई न कोई मुस्किल पैदा करता रहता है| जब किसी के साथ दुश्मनी होती है| तो उस व्यक्ति का बहुत ज्यादा समय और पैसे की बर्बादी होती है| और उसका जीवन बुरी तरह से बर्बाद हो जाता है| वह व्यक्ति अपने दुश्मन से बदला लेने के लिए दुश्मन को बर्बाद करने की दुआ करना चाहता है| लेकिन वह अपने दुश्मन से बदला लेने में सफल नही मिल पता है|

Dushman ko kangal karne ki dua

Agar aap bhi apne dushman se pareshan ho chuke hai aur aap ka dushman aap ka jeevan barbaad kar diya hai. Aur aap apne dushman se badla lene ke bare me upay soch rhe hai to aap hamare Baba ji ka dushman ko barbaad karne ki dua ka istmaal kar ke aap asaani se apne dushman ko buri tarah se barbaad kar sakte hai. Aur aue apna pichha chhora sakte hai aur adhik jankari ke liye aap aaj hamare behum ji se sampark kare.

दुश्मन को कंगाल करने की दुआ

अगर आप भी अपने दुश्मन से परेशान हो चुके है| और आप का दुश्मन आप का जीवन बर्बाद कर दिया है| और आप अपने दुश्मन से बदला लेने के बारे में उपाय सोच रहे है| तो आप हमारे बाबा जी का दुश्मन को बर्बाद करने की दुआ का इस्तमाल कर के आप आसानी से अपने दुश्मन को बुरी तरह से बर्बाद कर सकते है| और औए अपना पीछा छोरा सकते है और अधिक जानकारी के लिए आप आज हमारे बहुम जी से संपर्क करे|

Featured दुश्मन को खत्म करने का वज़ीफ़ा

दुश्मन को खत्म करने का वज़ीफ़ा


Jab koi shakhs apne dushman se se pareshan ho jata hai to vah dushman se badla lene ka bare me koi tarika sochta hai. Jise ki vah apne dushman se apne barbaadi ka badla le ske. Lekin hamesha uska dushman us nukshan pahuchata hai. Jise ki vah avyakti apne dushman ko hamesha ke liye khatam karna ka bare me wazifa sochata hai. Lekin vah apne maksad me kameyaab nhi hota hai. Is liye vah dushman ko khatam karne ka wazifa ke bare me jankari lena chahate hai. jise ki vah apne dushmn ko jaan se mar sake.

Dushman ko khatam karne ka wazifa

दुश्मन को खत्म करने का वज़ीफ़ा:- जब कोई शख्स अपने दुश्मन से से परेशां हो जाता है तो वह दुश्मन से बदला लेने के बारे में कोई तरीका सोचता है| जिसे की वह अपने दुश्मन से अपने बर्बादी का बदला ले सके| लेकिन हमेशा उसका दुश्मन उस नुक्सान पहुंचता है| जिसे की वह अव्यक्ति अपने दुश्मन को हमेशा के लिए ख़तम करना का बारे में वज़ीफ़ा सोचता है| लेकिन वह अपने मकसद में कामयाब नहीं होता है| इस लिए वह दुश्मन को खत्म करने का वज़ीफ़ा के बारे में जानकारी लेना चाहते है| जिसे की वह अपने दुश्मन को जान से मार सके|

Dushman ko jan se marne ka wazifa

Kisi ke bhi jeevan me agar koi dushman hota hai to uska jeena kafi muskil ho jata hia aur vah koi bhi kaam me kameyaab nhi ho pati hai. Jise ki uska dainik jeevan bahut jyada prabhavit hoti hai. Dushman kabhi bhi apna sahi samay dekh kar koi na koi samasya khara karta rahta hai. Log apne dushman se pareshan ho kar use hamesha ke liye khatam karne ke bare me upay sochate hai jise ki vah apne dushman se hamesha ke liye chutakaaraa pa sake. Lekin vah apne dushmn se badla lene aur uske khatam karne me nakameyab hote rahte hai.

दुश्मन को जान से मारने का वज़ीफ़ा

किसी के भी जीवन में अगर कोई दुश्मन होता है| तो उसका जीना काफी मुश्किल हो जाता हिअ और वह कोई भी काम में कामयाब नहीं हो पाती है| जिसे कि उसका दैनिक जीवन बहुत ज्यादा प्रभावित होती है| दुश्मन कभी भी अपना सही समय देख कर कोई न कोई समस्या खड़ा करता रहता है| लोग अपने दुश्मन से परेशां हो कर उसे हमेशा के लिए खत्म करने के बारे में उपाय सोचते है| जिसे की वह अपने दुश्मन से हमेशा के लिए छुटकारा पा सके| लेकिन वह अपने दुश्मन से बदला लेने और उसके खत्म करने में नाकामयाब होते रहते है|

Dushman ko tabah karne ka wazifa

Aaj hum aap ko ek bahut hi asaan sa upay ke bare me bata rhe hai. Jise ki aap istmaal kar ke apne dushman ko khatam kar sakte hai. Aap hamare Baba ji ka dushman ko khatam karne ka wazifa ka uapy kar ke aap asaani se apne dushman se apne barbaadi ka badla le sakte haia aur use khatam kar apna pichha chhora sakte hai.Aur adhik janakri ke liye aap aaj hi hamare wazifa specialist se sampark kare.apne jeevan me aa rhi kisi bhi tarah ka samsya ka turant samadhan paye.

दुश्मन को तबाह करने का वज़ीफ़ा

आज हम आप को एक बहुत ही आसान सा उपाय के बारे में बता रहे है| जिसे की आप इस्तमाल कर के अपने दुश्मन को खत्म कर सकते है| आप हमारे बाबा जी का दुश्मन को खत्म करने का वज़ीफ़ा का उअपय कर के आप आसानी से अपने दुश्मन से अपने बर्बादी का बदला ले सकते हैए और उसे खत्म कर अपना पीछे छोरा सकते है| और अधिक जानकरी के लिए आप आज ही हमारे वज़ीफ़ा स्पेशलिस्ट से संपर्क करे| अपने जीवन में आ रही किसी भी तरह का समस्या का तुरंत समाधान पाए|

Featured दुश्मन से बदला लेने का अमल

दुश्मन से बदला लेने का अमल


Jab kisi insane ke jeevan me koi uska dushman hota hai to uska jeevan narak ban jata hai. Har koi chahta hai ki uske jeevan me kisi se koi kabhi shikayat na ho. Lekin agar koi insane ke beech rahata hai to kisi na kisi karan vash use kabhi kisi bat ko lekar ladayi ho hi jati hai jise ki vah us insaan ka dushman ho jata hai. Aur vah use har samay pareshan karnta rahta hai. Jise ki uski jeevan me hamesha muskil bani rahti hai. is liye ve log apne dushman se badla lene ka amal ka istmal karna chahate hai.

Dushman se badla lene ka amal

दुश्मन से बदला लेने का अमल:- जब किसी इंसान के जीवन में कोई उसका दुश्मन होता है| तो उसका जीवन नरक बन जाता है| हर कोई चाहता है| की उसके जीवन में किसी से कोई कभी शिकायत न हो लेकिन अगर कोई इंसान के बीच रहता है| तो किसी न किसी कारण वश उसे कभी किसी बात को लेकर लड़ाई हो ही जाती है| जिसे की वह उस इंसान का दुश्मन हो जाता है| और वह उसे हर समय परेशां करंता रहता है| जिसे कि उसकी जीवन में हमेशा मुस्किल बनी रहती है| इस लिए वे लोग अपने दुश्मन से बदला लेने का अमल का इस्तमाल करना चाहते है|

Dushman se badla lene ka wazifa

Log apne dushman se badla lene ke liye har tarah ka koshish karte hai jise ki vah apne aap ki surakshit rakh sake. kyuki jab kisi ke sath dushmani hoti hai to jeevan me kayi tarah ka samsya aane lag jati hai uske samay aur dhan ki bahut jyada nuskshan hone lag jata hai aur ve log barabdi ka kagaar par aa jate hai. is liye ve log bhi apne dushman se badla lene ke bare me upay sochate hai.

दुश्मन से बदला लेने का वज़ीफ़ा

लोग अपने दुश्मन से बदला लेने के लिए हर तरह का कोशिश करते है| जिसे की वह अपने आप की सुरक्षित रख सके| क्युकी जब किसी के साथ दुश्मनी होती है| तो जीवन में कई तरह का समस्या आने लग जाती है| उसके समय और धन की बहुत ज्यादा नुस्क्सान होने लग जाता है| और वे लोग बरबड़ी का कगार पर आ जाते है| इस लिए वे लोग भी अपने दुश्मन से बदला लेने के बारे में उपाय सोचते है|

Dushman se badla lene ki dua

Agar aap bhi apne dushman se pareshan ho chuke hai. Dushman aap ka jeena haram kar diya hai.aur aap ka jeevan ko barabaadi ke kagar par la diya hai. Aur aap apne dushman ko sabak shikhane aur sue badla lena chahatehai to aap hamare begum ji dushman se badla lene ka amal ka istmaal kar sakte hai. Begum ji ki dua se aap apne dushman se apne barbaadi ka badla le sakte hai. Dushman se bdla lene ke liye aap aaj hi begum ji se sampark kare.aur apne jeevan me kisi bhi tarah ka dushman se hamesha ke liye chutakara paye.

दुश्मन से बदला लेने की दुआ

अगर आप भी अपने दुश्मन से परेशान हो चुके है| दुश्मन आप का जीना हराम कर दिया है| और आप का जीवन को बरबादी के कगार पर ला दिया है|और आप अपने दुश्मन को सबक सिखाने और सूए बदला लेना चाहते है| तो आप हमारे बेगम जी दुश्मन से बदला लेने का अमल का इस्तमाल कर सकते है| बेगम जी की दुआ से आप अपने दुश्मन से अपने बर्बादी का बदला ले सकते है| दुश्मन से बदला लेने के लिए आप आज ही बेगम जी से संपर्क करे| और अपने जीवन में किसी भी तरह का दुश्मन से हमेशा के लिए छुटकारा पाये|

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दुश्मन को मरने की दुआ


दोस्ती और दुश्मनी किसी भी व्यक्ति के जीवन का हिस्सा होता है| और इसे लेकर हमेशा शतरक रहता है| अगर किसी को किसी से दोस्ती है| तो उसके जीवन में हमेहा खुशाली ही रहती है| क्युकी दोस्त कभी अपने दोस्त का बुरा नहीं चाहता है| वे हमेशा एक दूसरे की सहयता करते है| इस लिए सभी लोग चाहते है| की उनके जीवन में दोस्तों की संख्या ज्यादा हो और उन्हें किसी सेकोई दुशमनी न हो| अगर किसी को किसी व्यक्ति के साथ कोई दुश्मनी हो जाती है तो उसे कई तरह का समस्या आने लगती है| दुश्मन कभी नहीं चाहेगा की आप खुश रहे या अपने काम में सफलता प्राप्त करे| दुश्मन कभी अपना मौका देख कर कोई नुकसान पहुंचाता रहता है| जिसे की आप लोग परेशान हो जाते है| अपने दुश्मन से बचने के लिए सभी तरह का उपाय करते है| फिर भी दुशमन आप का पीछा नही छोरत है|

दुश्मन को मारने का उपाय

किसी के भी जीवन में अगर किसी से दुश्मनी हो जाती है| तो उसका जीवन परेशानियों से घिर जाता है| क्युकी दुशमना कभी ये नहीं चाहेगा कि आप आप और आप के परिवार खुश रहे वे हमेहा कोई न का कोई उपाय कारत है| जिसे की आप परेशां रहे दुश्मनी होने से पूरे परिवार के लोग दुखी और परेशान होने लग जाता है| वे अपने दुश्मन से बचने के लिए हर तरह का कोशिश करते है| लेकिन फिर भी दुश्मन उन्हें परेशान करता रहता है| वे अपने दुश्मन से बचने के लिए दुश्मन को मरें की दुआ करने की कोशिश करते है लेकिन उन्हें इस दुआ की बारे में सही जा नकारी नही मिल पाती है|

दुश्मन को मारने का मंत्र

दुश्मन को मरने की दुआ की एक बहुत ही कामयाब दुआ है| जिसे की आप अपने दुश्मन को हमेहा के लिए कहातम कर क्र उसे छुटकारा पा सकते है| अगर आप का दुश्मन आप का जीना मुश्किल कर दिया है| और वह आप को हर समय परेशां करता रहता है| तो आप मौलवी जी का दुश्मन को मरने की दुआ की सहयता से उसे जान से मार सकते है| और हमेशा के लिए उसे चाटकर पा सकते है| अधिक जानकारी के लिए मौलवी जी से आज ही समपर्क करे|

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किसी का मुंह बंद करने का वजीफा


किसी का मुंह बंद करने का वजीफा – Kisi Ka Muh Band Karne Ka Wazifa, Tarika, Totka, Dua, Amal, हमारे आस पास ऐसे बहुत से लोग है जो बोलते बहुत है और बिना काम के और बोलते भी इतना गलत है की दिल मई चुभ जाते है. इसके लिए हम लेके आये है सास का मुंह बंद करने का वजीफा, दुश्मन का मुंह बंद करने का वजीफा और शोहर का मुंह बंद करने का वजीफा इसलिए धयान से पढ़े

Kisi Ka Muh Band Karne Ka Wazifa

किसी का मुंह बंद करने का वजीफा – Kisi Ka Muh Band Karne Ka Wazifa, Tarika, Totka, Dua, Amal

  • ऐसा नीचा दिखाने या उनकी तरक्की में रोड़ा अटकाने के लिए करते हैं। उन्हें समझाने के बाद भी वे नहीं समझते हैं। इसका परिवार पर बुरा असर पड़ता है। इस स्थिति में कुछ लोग अवासद से घिर जाते हैं। जबकि कुछ लोगों और परिवारों के बीच घनघोर दुश्मनी हो जाती है।

एक महान दर्शनिक गायबल्स ने कहा था कि यदि किसी झूठ को सौ बार बोला जाए तो वह सच बन जाता है। यही कहावत आज हर परिवार या व्यक्ति के बारे में बोले जोने वाले दुष्प्रचार या झूठी बातों पर भी लागू होती है। ईष्र्या की भावना से कुछ लोग दूसरों के बारे में बुरा ही बोलते रहते हैं।

  • अगर कोई शख्स गाली और गलत जुबानी से आपकी समाज में इज्जत उछालता है, तो उसे उसके खिलाफ मुंह बंद करने का वजीफा पढ़ने का अमल करना चाहिए। इस वजीफे की आयतों का जिक्र र्कुआन-ए-पाक में किया गया है। इसके बारे मंे जानकार मौलवी से सलाह लेकर निम्न तरह के तरीके अपनाएं।
  • सबसे पहले उस व्यक्ति का नाम जेहन में बिठाएं, जिनकी जुबान को बंद करनी है।
  • प्रातः मगरीब की नमाज पढ़ने के बाद उसकी तस्वीर अपने सामने रखें या सादे कागज पर उसका काली स्याही से नाम लिखकर रख लें।
  • कुल 49 बार बार मुहं बंद का वजीफ पढ़ने से पहले और अंत मंे 11-11 बार दुरूद शरीफ पढ़ें।
  • उसके बाद सुराह यासीन को 11 बार पढ़कर सामने रखी तस्वीर फूंक मारें। इस अमल को लगातार 21 दिनों तक करें। यदि इसे कोई औरत करती है तो वह माहवारी के दिन इसे नहीं करे।

सास का मुंह बंद करने सा वजीफा

सास का मुंह बंद करने का वजीफा – Saas Ka Muh Band Karne Ka Wazifa, Tarika, Totka, Dua, Amal, अधिकतर घरों के सास की जुबान कतरनी जैसी बहू के खिलाफ चलती ही रहती है। बहू को भला-बुरा कहना उनकी रोजमर्रे की जिंदगी में शामिल रहता है।

दूसरी तरफ बहू सास की बदजुबान और ताने मारने से परेशान रहती है उसकी वजह से दूसरे घरेलू काम बिगड़ जाते हैं। शौहर और बीवी के बीच लड़ाई भी हो जाती है।

सास की कड़वी जुबान को जायज मकसद के लिए किसी मौलवी से सलाह-मश्विरे के बाद उनके बताए गए वजीफे को निम्न तरीके से पढ़ना चाहिए। अमल में लाया जाने वाले वजीफे को इंशा की नमाज के बाद पढ़ें। वजीफा है-

वा तम्मात कालीमतु रब्बीका सिदक्वनव वा अदला, ला मुबाद्दिला लाी कालीमंतिह, वा हुवास समीउल अलीम।

Saas Ka Muh Band Karne Ka Wazifa

  • इसके पहले और आखर में तीन-तीन बार दुरुद शरीफ अवश्य पढ़ें। अंत मंे ताजा रोटी पर दम करें।
  • वही रोटी सास की थाली में भोजन के साथ परोस दें। रोटी खाने के बाद ही सास की जुबान में मिठास आ जाएगी। इसे तबतक करें जबतक कि सास पूरी तरह ताने मारना नहीं छोड़े।
  • ध्यान रहे वजीफे को माहवारी के दिनों में नहीं करें। एक अन्य वजीफे को भी पहले जैसे ही किया जा सकता है। वजीफा है- वा अल्लहु अला मुबीअ दाईकुलम वा कफा बिल्ट लाही वाल्या वां कफा लाही ना सीरा।
  • हुक्म चलाने वाली सास की जुबान को रोजाना सूरह लहाब की दुआ अस-सलाम अलाइकुम को रोजाना 111 बार 11 दिनों तक पढ़कर भी बंद किया जा सकता है।

दुश्मन का मुंह बंद करने का वजीफा

दुश्मन का मुंह बंद करने का वजीफा – Dushman Ka Muh Band Karne Ka Wazifa, Tarika, Totka, Dua, Amal, कुछ बदजुबानी हरकतें दुश्मनों के जरिए भी की जाती हैं। उनकी वजह से काफी नुकसान उठाना पड़ सकता है। कई बार बना-बनाया काम बिगड़ जाता है।

इसके लिए र्कुआन-ए-पाक की आयतें पढ़कर जुबान बंद करने की दुआ करना चाहिए। मौलवी के अनुसार दुश्मन की ताकत या गंदी जुबान की हरकतों के अनुसार वजीफा का उपाय करना चाहिए। उसका तरीका इस प्रकार है-

Dushman Ka Muh Band Karne Ka Wazifa

  • शुरूआत मंगलवार और शनिवार को छोड़कर किसी भी दिन किया जाना चाहिए। वजीफा पढ़ने का वक्त रात को दस बजे के बाद हो।
  • दुश्मन का तस्सबुर करते हुए फर्ज नमाज पढ़ें और अल्लाह ताला से दुश्मन की जहरीली और दुष्प्रभावी जुबानों को बंद करने की दुआ करें। अपनी तरफ से दुश्मन को किसी भी तरह से नुकसान पहुंचाने की नीयत नहीं रखें।
  • हर नमाज के बाद 41 मर्तबा दिया गया आयत पढ़ें। आयत है- सुम्मुन बुकमुम उम्युन फहुम ला यार जी युन। इसके पहले और बाद में दुरुद शरीफ भी सात-सात बार अवश्य पढ़ें। वजीफा करने के दौरान दुश्मन की तस्वीर जेहन मंे ध्यान करें। संभव हो तो हाथ में उसकी तस्वीर भी रख लें।
  • मुंह में काली मिर्च रखकर 117 बार सिर्फ सुरहें पढ़ें। उस वक्त विस्मिल्लाह और दुरूद नहीं पढ़ना है।
  • अंत में तस्वीर पर दम करते हुए उसके निवास स्थान की दिशा में फूंक मारें। तस्वीर को काली या लाल स्याही से पोत दें। इसे लगातार सात दिनों तक करें। उसके बाद भी असर नहीं दिखे तो वजीफा 21 या फिर 41 दिनों तक निश्चित समय पर जारी रखें।

शौहर का मुंह बंद करने का वजीफा

शौहर का मुंह बंद करने का वजीफा – Shohar Ka Muh Band Karne Ka Wazifa, Tarika, Totka, Dua, Amal, हर विवाहिता चाहती है कि उसका शौहर उसके साथ प्यार से पेश आए। अच्छी और प्यार की जुबान में बातें करे। किंतु छोटी-छोटी बातों को लेकर शौहर बीवी की तौहीन करता रहता है।

यहां तक कि धमकियांे के साथ उसका मानसिक शोषण भी किया जाता है। उसके खिलाफ उसकी खुली जुबान बंद ही नहीं होती है। ऐसे शौहर की बेवजह खुलने वाली मुंह को बंद करने के लिए घरेलू टोटके के साथ वजीफा लगातार सात या 11 दिनों तक पढ़ना चाहिए।

Shohar Ka Muh Band Karne Ka Wazifa

  • वजीफा किसी भी दिन शुरू किया जा सकता है, लेकिन समय रात को 11 और 12 बजे के बीच का होना चाहिए। अपने साथ में एक ग्लास पानी और एक पुड़िया चीनी की रख लें।
  • र्कुआन की आयातों में बताए गए उसी आयात को अच्छी नियत के साथ पढ़ना चाहिए जिसका प्रयोग सास की मंुह बंद करने के लिए किया जाता है।
  • आयत को 121 बार पढ़ने के बाद पानी के ग्लास और चीनी की पुड़िया पर दम करें।
  • पानी का आधा हिस्सा घर के कोने में छिड़क दें और बाकी शौहर के पीने के पानी में मिला दें। कुछ घूंट खुद भी पी लें। इसी तरह से दम किए गए चीनी से ही शौहर के साथ-साथ खुद के लिए सुबह की चाय बनाएं।
  • अगर शौहर की तरफ से परेशानी बहुत अधिक है तो प्रतिदिन 1000 बार सुरह लुहाब का वजीफा पढ़कर पानी पर फूंक मारें और खुद पी लें। ऐसा चालीस दिनों तक करने से शौहर की जुबान में मिठास घुल जाएगी और वह नापतौल कर जो भी बातें करेगा उसमें ताने कम प्यार-मनुहार की झलक ज्यादा दिखेगी।

Hamare aas paas aise bahut se log or ristedar hote hai jinka kaam he bhalai burai karne ka hai, yaha tak to theek hai per wo itna bura bolte hai ki dil ko chub jata hai.

isliye aaj hum bata rahe hai Kisi Ka Muh Band Karne Ka Wazifa, Tarika, Totka, Dua, Amal.

Saas ke liye hai Saas Ka Muh Band Karne Ka Wazifa, Tarika, Totka, Dua, Amal.

Dushman ke liye hai Dushman Ka Muh Band Karne Ka Wazifa, Tarika, Totka, Dua, Amal.

Shohar ke liye hai Shohar Ka Muh Band Karne Ka Wazifa, Tarika, Totka, Dua, Amal.

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किसी को भी हाजिर करने का अमल


किसी को भी हाजिर करने का अमल – Kisi Ko Bhi Hazir Karne Ka Amal, Dua, Wazifa, इस अमल के द्वारा आप ताकतवर शक्तियों को बुला कर उनसे अपनी मर्ज़ी का काम करवा सकते हो, आज हम आपको शैतान की बेटी को हाजिर करने का अमल बता रहे है. इसके अलावा हम आपको जिन्नात को हाजिर करने का अमल और परियों को हाजिर करने का अमल भी बता रहे है.

Kisi Ko Bhi Hazir Karne Ka Amal

हर व्यक्ति के मन में एक अद्भुत चमत्कारी शक्ति होती है। उसमें छिपी गजब की क्षमता कीे बदौलत किसी भी अनजान शक्ति को अपने वश में किया जा सकता है। किंतु इसके लिए कुछ वैसी ताकतों को बुलाया जाना जरूरी होता है,

जो इंसानी दुनिया से बिल्कुल ही अलग की अलौकिक दुनिया में एक छाया की तरह होते हैं। उन्हें एक ताकतवर परछाई कहें या कहें उनके भीतर आपार ऊर्जा का विपुल भंडार होता है। वह अदृश्य होकर भी हर संभव शक्तिशाली काम कर देता है।

किसी को भी हाजिर करने का अमल – Kisi Ko Bhi Hazir Karne Ka Amal, Dua, Wazifa

वे मुस्लिम समाज में एक छाया के तौर पर शैतान की बेटी, जिन्नात या परियों के नाम से जानी जाती हैं। यानी कि उसी छाया की बदौलत ही मन की शक्ति हासिल की जा सकती है, जो बेहद कठोर साधना और अल्लाह के अमल से मिलता है। उ

से फारसी शब्द ‘हमजाद के अमल’ के नाम से भी जाना जाता है। उनका सकारात्मक और नकारात्मक दोनों तरह से इस्तेमाल किया जा सकता है। जैसे किसी व्यक्ति का वशीकरण करने, शत्रु के प्रभाव को खत्म करने, दूसरों के मन की बात को जानने या फिर किसी को डराने-धमकाने के लिए उपयोगी हो सकता है।

ऐसी जिस अदृश्य शक्ति का इस्तेमाल इंसानी भलाई के लिए किया जाता है वैसी हमजाद को नुारानि कहा गया है, जबकि नकारात्मक शक्तियों की जिम्मेदार बुराई या शैतानी हमजाद को सिफलि कहा जाता है।

इनसे भले ही शैतानी काम लिया जाता हो, लेकिन इनकी मदद से ही दुश्मनों के बुरे-से-बुरे काम को नेस्तनाबुद किया जा सकता है। इन्हें हाजिर करने के लिए र्कुआन की आयतों को मौलवी द्वारा बताए गए नियमों के मुताबिक कायदे से पढ़ने का अमल किया जाता है।

शैतान की बेटी को हाजिर करने का अमल

शैतान की बेटी को हाजिर करने का अमल – Shaitan Ki Beti Ko Hazir Karne Ka Amal, Dua, Wazifa, अलौकिक ताकतवर शक्तियों मंे शैतान की बेटी को हाजिर करने के अमल को सात दिनों तक किया जाता है। ऐसा कर उसकी शक्ति को साध लिया जाता है।

शौतान की बेटी एक तरह से जिन्न ही है, जिनकी नकारात्मक क्षमता से बुराई को खत्म किया जा सकता है। वैसे किसी को भी हाजिर करने के अमल की दुआ के लिए पढ़ा जाने वाला आयत है-

लाइलाहा इल्ला अनता सुबहानका इन्नि कुंतु मिन्ज जावाल्लिन।

Shaitan Ki Beti Ko Hazir Karne Ka Amal

  • मौलवी की सलाह के अनुसार इसे बेहद सुकून वाले जगह में 777 बार सात दिनों तक पढ़ा जाना चाहिए। हर दिन एक निश्चित समय में प्रातः नौ बजे तक या फिर रात्री मंे नौ बजे के बाद पढ़ना चाहिए।
  • अपने शरीर पर 11 बार आयतल कुर्सी को पढ़कर फूंक लेना भी बेहतर होगा।
  • इसके पहले और आखिर में 11-11 बार दुरूद इब्राहिम को पढ़ना जरूरी है।
  • यह सब हर दिन आंखें बंदकर किया जाना चाहिए। इसकी मियाद पूरी होने के दिन आंखों के सामने एक स्पष्ट इंसानी छाया उभरेगी, जो एक खूबसूरत युवती की होगी। वह हर आदेश का पालन करने के लिए बदले की भावना लिए हुए तत्पर रहेगी।
  • उभरती हुई तस्वीर के साथ सवाल-जवाब का सिलसिला शुरू होेने पर अपना मनोवांछित प्रयोग कर सकते हैं।
  • उस तस्वीर को अपने समाने जलती हुई मोमबत्ती की लौ या शीश में भी देखी जा सकती है।

जिन्नात को हाजिर करने का अमल

जिन्नात को हाजिर करने का अमल – Jinnat Ko Hazir Karne Ka Amal, Dua, Wazifa, अच्छे काम करने, किसी मुसीबत से छुटकारा पाने, या फिर किसी को वशीभूत करने की महत्वाकांक्षा पूरी करने वाले व्यक्ति को पहले जिन्नात हाजिर करने का अमल करना जरूरी होता है।

इसके लिए र्कुआन में दिए गए आयत

‘‘लाकुन्ना हुआल्लाहु रब्ब नला उसरीकु बिरब्बि अहद’’

का 40 दिनों के भीतर अमल पूरा कर लेना चाहिए। इसकी तरकीब इस तरह बताई गई है-

Jinnat Ko Hazir Karne Ka Amal

  • अमल करने से एक दिन पहले आयत पढ़ने संबंधी मन के भीतरी भय को दूर कर हिम्मत जुटानी है। इस दौरान आयत को कंठस्थ कर लेना चाहिए।
  • इस अमल को करने में कुल छह घंटे का समय लग सकता है, इसलिए जुमेरात की रात को 11 बजे के बाद घर के एकांत कमरे का चयन करें और नया सफेद पोशाक पहनें।
  • अपने साथ सुगंधित फूल और इत्र की शीशी भी रखें। दुर्गंध वाली किसी भी चीज को हटा दें और वजू करने के बाद सफेद चादर बिछाकर बैठ जाएं।
  • अमल की शुरूआत करने से पहले दो रकत नमाज अदा करें। प्रत्येक रकत में सुराह फतेहा या सुरात नसह को दस बार पढ़ें।
  • फिर चार आयतालकुर्सी को एक बार पढ़ें और एक कांच के हरे रंग की चूड़ी पर तीन बार दम करें। उसी चूड़ी से अपने चारो ओर एक दायरे बना लें।
  • ऊपर बताए गए आयत को सवा लाख बार पढ़ना है। इसे हर दिन जितना अधिक पढ़ा जाएगा, वह उतना ही जल्द निर्धारित मियाद में अमल पूर हो पाएगा।
  • अमल के खत्म हो जाने के बाद नजरों के सामने जिन्न एक साक्षात स्त्री की छाया के रूप में दिखेगी। अदब के साथ दुआ करगी। उसके ऐसा करते ही आप उससे वादा लें कि आपके द्वारा बुलाए जाने वाह आपकी खिदमत में हाजिर हो जाए। यह कहते हुए उसके बाद इत्र की शीशी से गिराकर फैला दें।

परियों को हाजिर करने का अमल

परियों को हाजिर करने का अमल – Pariyon Ko Hazir Karne Ka Amal, Dua, Wazifa, बच्चों की किस्से-कहानियों में जादूई चमत्कार करने वाली परी को देखने और दोस्ती करने की तमन्ना हर किसी को होती है। क्या आप जानते हैं कि उसे इस्लामी इबादत और अमल के जरिए नेक-नियत वाली परियों को हाजिर किया जा सकता है।

उससे बातें की जा सकती है और उसकी मदद से अपनी समस्याओं को समाधान पाया जा सकता है। इस अमल को कायदे से करने की तरकीब इस प्रकार है-

Pariyon Ko Hazir Karne Ka Amal

  • इस अमल के लिए नौचंदी की इतवार या जुमेरात का या फिर बुधवार का दिन निर्धारित करें। पाक-साफ होकर सुबह नौ बजे के करीब सफेद पोशाक धारण करें।
  • बेहतरीन खुशबू लगाएं और एकांत जगह पर सफेद चादर बिछाएं। अपने साथ दो गेहूं के आटे की रोटी और दो बेसन के लड्डूओं को अपने सामने रखें।
  • संदल की अगरबत्ती जलाएं। शुरूआत दो रकत की नमाज से करते हुए 11 बार दुरूद शरीफ पढ़ें। उसके बाद 1000 मरतबा सुराह फतेह पढ़ें। फिर दुरूद शरीफ 11 बार पढ़कर अंत में खाने की वस्तुओं पर फूंक मारें।
  • आंखें बंद कर परियों का तस्सबुर करें। चंद लम्हे में आप पाएंगे कि वे आपकी आखों के सामने आ चुकी हैं। उनकी सलामती की बात करते हुए बुलाने पर आने का वादा लें। उन्हें अपना हाल-ए-दिल सुनाते हुए महत्वाकांक्षाओं के बारे में भी बताएं।
  • रोटियों को टुकड़ कर लड्डुएं के साथ बच्चों के बीच बांट दें।

Yadi aap kisi takatwar shakti se apna kuch kaam nikalwana chahate hai to uske liye Kisi Ko Bhi Hazir Karne Ka Amal, Dua, Wazifa hum aaj aapko batayege.

Isse aap Shaitan Ki Beti Ko Hazir Karne Ka Amal, Dua, Wazifa or Jinnat Ko Hazir Karne Ka Amal, Dua, Wazifa bhi kah sakte hai.

Is wazifa ke dwara jis taktawar shakti ko aap bulayege wo aapke kadmo mai aayegi or aap usse manchaha kaam nikalwa sakte hai.

iske alawa hum aaj aapko Pariyon Ko Hazir Karne Ka Amal, Dua, Wazifa bhi bata rahe hai.

If you need any type of help and Guidance talks to us without any hesitation. In Sha Allah we will solve your problem.

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Featured दुश्मन का घमंड तोड़ने का वजीफा

दुश्मन का घमंड तोड़ने का वजीफा


दुश्मन का घमंड तोड़ने का वजीफा – Dushman Ka Ghamand Todne Ka Wazifa, Dua, Amal, Istikhara, Tarika, Upay, यदि आपका ददुश्मन आपको बहुत परेशान करता है तो आज हम आपको बतायेगे दुश्मन को चुप करने का वजीफा और दुश्मन को सबक सिखाने का वजीफा। इस वज़ीफ़ा को दुश्मन को झुकाने का वजीफा भी कहा जाता है.

Dushman Ka Ghamand Todne Ka Wazifa

कई बार आपका दुश्मन आपको नीचा दिखने के लिए तरह-तरह के पैतरों को आजमाता हैं और इसमें यदि वह सफल हो जाता हैं, तो उसे खुद के अजय होने का घमंड भी हो जाता हैं| वह अपने इस घमंड को समय सामय पर आपके समक्ष प्रस्तुत भी करता हैं| आज हम इस लेख में,‘दुश्मन का घमंड तोड़ने का वजीफ़ा’, के बारे में जानेंगे|

दुश्मनों से निपटने के लिए सबसे आसान तरीकों में से एक है उस के घमंड को तोड़ देना| इसका सीधा सा मतलब है कि आप उसे ऐसा सबक सीखाते हैं कि हमेशा के लिए वो आपसे दूरी बना लेता हैं |

दुश्मन का घमंड तोड़ने का वजीफा – Dushman Ka Ghamand Todne Ka Wazifa, Dua, Amal, Istikhara, Tarika, Upay

आप ऐसा इसलिए करते हैं ताकि वो आपके जीवन में हस्तक्षेप न करें और आपको सभी संभावित तरीकों से प्रभावित करना बंद कर दें। दुश्मन से छुटकारा पाने के लिए प्रभावी इस्लामी वजीफ़ा नीचे बताया गया हैं:

  • यह वजीफ़ा रात में की जानी चाहिए| यदि मध्य रात्री से शुरू करे तो ज्यादा सही रहेगा|
  • काले धागे में शम्मी पेड़ की जड़ों से बनी माला पहनें। आपको इसे अपनी गर्दन के चारों ओर शनिवार या सोमवार को पहनना चाहिए। इसे पहनने के बाद आपको हल्दी से बने एक मनके की आवश्यकता है।
  • अब आपको पूर्व दिशा में मुंह करके बैठना जाना हैं और इस वजीफ़ा को 100 मर्तबा दुहराना हैं-
  • “अलीम वलिम शौकत वकारे रसुद्दीन अजितुल्लाह नसवेतर नस्ट्रोदस नसीम”

इस वजीफ़ा को पढ़ने के बाद आप अपने दुश्मन को याद करके अल्लाह-ताला से उसके शिकस्त की दुआ करे|
यह वजीफ़ा बहुत ही कारगर हैं| इसे एक हफ्ते तक लगातार दुहराने से आपको जल्द ही दुश्मन के बरबादी की खबर सुनने को मिलेगा|

दुश्मन को चुप करने का वजीफा

दुश्मन को चुप करने का वजीफा – Dushman Ko Chup Karane Ka Wazifa, Dua, Amal, Istikhara, Tarika, Upay, एक बार जब आपको पता चलता है कि आपके दुश्मन हैं तो यह बहुत संभव हो जाता है कि आप इससे प्रभावित होते हैं। यह आपके तनाव के स्तर को बढ़ा सकता है और आप ज्यादातर समय चिंतित महसूस करना शुरू कर सकते हैं।

आज हम आपको ऐसे वजीफा के बारे में बताएँगे,जिसके उपयोग से आप अपने दुश्मन को खुद के खिलाफ बोलने से चुप करा सकते हैं| इसके लिए आपको निम्न उपाय करना होंगा:-

Dushman Ko Chup Karane Ka Wazifa

इस उपाय का उपयोग तब किया जाता है जब आपको अचानक पता चलता है कि आपके कई दुश्मन हैं और वो चारो ओर आपके खिलाफ बोल कर आपकी इज्जत को खराब कर रहे हैं|
इस वजीफा को करने से पहले नहा-धो कर ताजा वुजू बना ले| अब पीले कपड़े पहन कर पीले रंग की चटाई पर बैठ जाए|आपकोअब थोड़े से सरसो के दाने, उड़द के दाल, थोड़ा सा चावल और शीशम के कुछ पत्तों की आवश्यकता होंगी|
प्रत्येक वस्तु को मिला कर एक छोटी पोटली बना लें। इस पोटली को सामने रख कर इस वजीफा को 100 मर्तबा दुहराये-
औरम हीराम नौशिदिन असुद्दीन रसूल्लाह नाज़िम नक्सेतुल्लाह जायरीन|”

वजीफा को पढ़ने के बाद पोटली को उठा कर कहीं सुरक्षित रख दे| अगले दिन फिर इस प्रक्रिया को पोटली के साथ दुहराये|
इस प्रक्रिया को नियमित रूप से 15 दिन करे और पंद्रहवें दिन पोटली को घर के पीछे मिट्टी में दबा दे| इस वजीफा के असर से अंततः आपका दुश्मन आपके खिलाफ बोलना छोड़ देगा|

दुश्मन को सबक सिखाने का वजीफा

दुश्मन को सबक सिखाने का वजीफा – Dushman Ko Sabaq Sikhane Ka Wazifa, Dua, Amal, Istikhara, Tarika, Upay, कई लोग ऐसे होते हैं जो आपके दुश्मन बन जाते हैं| कभी-कभी आपके जानने के बिना भी ये आपसे दुश्मनी मोल ले लेते हैं|।

ये लोग आपसे कई कारणों से नफरत कर सकते हैं, हालांकि यह मुख्य रूप से आपसे ईर्ष्या होने के कारण ऐसा होता है। यदि आप अपने ऐसे दुश्मनों को मुह तोड़ जवाब देना चाहते हैं, तो आप नीचे दिये हुए वजीफा को अक्षरश: आजमाए|

Dushman Ko Sabaq Sikhane Ka Wazifa

दुश्मन अक्सर छिप कर वार करते हैं| ऐसे दुश्मनों को सबक सीखना बहुत जरूरी होता हैं,ताकि आगे से वो कोई ऐसा कार्य करने की हिम्मत न करे|
‘दुश्मन को सबक सिखाने का वजीफा’, के प्रयोग से पहले आपको अपने दुश्मन की तस्वीर का इंतजाम करना होगा|
अब किसी तन्हा जगह पर बैठ कर सबसे पहले दारुदे-शरीफ को तीन मर्तबा पढ़ ले| अब कायनात की जिन्न की शक्तियों को याद करके “बिस्मिल्लाह तुन शाम किन रहमान”, इस वजीफा को 100 मर्तबा पढ़ते हुए दुश्मन की तस्वीर पर फूँक मारे|
वजीफा पढ़ने के बाद वापस से दारुदे शरीफ को पढ़े| इसके बाद अल्लाह-ताला से दुश्मन की हार के लिए दुआ करे| ये सब प्रक्रिया करने के बाद दुश्मन के तस्वीर को जलाते हुए जिन्नात से दुआ करे की जिस प्रकार यह तस्वीर जल कर ख़ाक हो गयी, वैसे ही दुश्मन का अकड़ ख़ाक हो जाए|
इस वजीफा से आपके दुश्मन को वो सबक मिलेगा कि वह ताउम्र आपके सामने खड़े होने की हिम्मत नहीं करेगा|

दुश्मन को झुकाने का वजीफा

दुश्मन को झुकाने का वजीफा – Dushman Ko Jhukana Ka Wazifa, Dua, Amal, Istikhara, Tarika, Upay, क्या आपके दुश्मन ने आपके जीवन को नष्ट करने की कोशिश में लाइन पार कर ली है? यदि ऐसा है, तो आप इस्लामी उपायों की कोशिश कर सकते हैं जो आपके दुश्मन के जीवन को नष्ट करने में मदद करते हैं।

जब आप उनसे बदला लेना चाहते हैं तो आप इनका इस्तेमाल कर सकते हैं। दुश्मनों को नष्ट कर के उन्हें खुद के कदमों में झुकने के अमल कुछ इस प्रकार हैं:

Dushman Ko Jhukana Ka Wazifa

  • आपको इस वजीफा को आजमाने से पहले किसी मजार पर जाना होगा और वह से थोड़ी मिट्टी ले कर आना होगा| अब कुरान शरीफ को सामने रख कर इसके सामने किसी पात्र मजार की मिट्टी को डालमें कर उसके ऊपर दो लौंग को जला दें|
  • इसके बाद कुराने-पाक का पाठ करें। फिर लौंग की राख और मिट्टी को अपने पेशानी पर लगाएं। इसके बाद आप अपने दुश्मनों को नियंत्रित करने के लिए इस वजीफा का पाठ करे ताकि वे आपको नुकसान न पहुंचा सकें:
  • “औरम हातिम हतताई पूरितुम अकबरे अजितुल्लाह अस्सीदिन|”आपको इस वजीफा को किसी जुम्मे के दिन से या शनिवार को शुरू करना हैं| और हफ्ते भर लगातार दुहराना हैं|
  • एक हफ्ते के अंदर-अंदर आपको अपने दुश्मन के क्षति के बारे में पता चलेगा| अल्लाह-ताला की रहमत आपके ऊपर होने से आपका दुश्मन हर चीज में घाटा का सामना करेगा| उसका जीवन जहन्नुम में बदल जाएगा|
  • इस प्रकार एक वजीफा के प्रयोग मात्र से आप अपने मकसद में कामयाब हों जाएगे| आपका दुश्मन अपने घुटनों के बल आ जाएगा|
  • आप जो चुनते हैं वह पूरी तरह आप पर निर्भर करता है। एक निश्चित निर्णय लेने से पहले ठीक से सोचें। कभी-कभी आप अपने दुश्मन पर ध्यान केंद्रित करने और उनसे छुटकारा पाने में इतना प्रयास करते हैं कि आप अपना जीवन जीना बंद कर देते हैं।

आप जानकार से बात करने के साथ-साथ अपनी समस्या के बारे में क्या करना है, यह इस लेख में भी पढ़ सकते हैं। यह सलाह दी जाती है कि आप अपने अंतर्ज्ञान का पालन करते हुए किसी वजीफा या अमल का इस्त्माल करनी चाहिए|

यह लंबे समय तक अवसाद का कारण बन सकता है। यह निश्चित रूप से आपके जीवन का आनंद नहीं लेगा क्योंकि आप भयभीत हैं कि आपका दुश्मन आगे क्या कर सकता है। अब आप सोच रहे होंगे कि जब आपको एहसास होता है कि आपके एक या एक से ज्यादा दुश्मन हैं तो आप क्या करते हैं?

आप उनसे छुटकारा पाने, उन्हें हराने और / या नष्ट करने के लिए ज्योतिषीय उपाय और विशिष्ट मंत्रों को लागू कर सकते हैं। कुछ ऐसे टोटके भी हैं जिन्हें आप अपने दुश्मनों से ठीक से निपटने और उन पर विजय पाने के लिए कर सकते हैं।

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Featured Kisi Ko Bhi Hazir Karne Ka Amal

Kisi Ko Bhi Hazir Karne Ka Amal


हर व्यक्ति के मन में एक अद्भुत चमत्कारी शक्ति होती है। उसमें छिपी गजब की क्षमता कीे बदौलत किसी भी अनजान शक्ति को अपने वश में किया जा सकता है। किंतु इसके लिए कुछ वैसी ताकतों को बुलाया जाना जरूरी होता है,

जो इंसानी दुनिया से बिल्कुल ही अलग की अलौकिक दुनिया में एक छाया की तरह होते हैं। उन्हें एक ताकतवर परछाई कहें या कहें उनके भीतर आपार ऊर्जा का विपुल भंडार होता है। वह अदृश्य होकर भी हर संभव शक्तिशाली काम कर देता है।

वे मुस्लिम समाज में एक छाया के तौर पर शैतान की बेटी, जिन्नात या परियों के नाम से जानी जाती हैं। यानी कि उसी छाया की बदौलत ही मन की शक्ति हासिल की जा सकती है, जो बेहद कठोर साधना और अल्लाह के अमल से मिलता है। उ

से फारसी शब्द ‘हमजाद के अमल’ के नाम से भी जाना जाता है। उनका सकारात्मक और नकारात्मक दोनों तरह से इस्तेमाल किया जा सकता है। जैसे किसी व्यक्ति का वशीकरण करने, शत्रु के प्रभाव को खत्म करने, दूसरों के मन की बात को जानने या फिर किसी को डराने-धमकाने के लिए उपयोगी हो सकता है।

ऐसी जिस अदृश्य शक्ति का इस्तेमाल इंसानी भलाई के लिए किया जाता है वैसी हमजाद को नुारानि कहा गया है, जबकि नकारात्मक शक्तियों की जिम्मेदार बुराई या शैतानी हमजाद को सिफलि कहा जाता है।

इनसे भले ही शैतानी काम लिया जाता हो, लेकिन इनकी मदद से ही दुश्मनों के बुरे-से-बुरे काम को नेस्तनाबुद किया जा सकता है। इन्हें हाजिर करने के लिए र्कुआन की आयतों को मौलवी द्वारा बताए गए नियमों के मुताबिक कायदे से पढ़ने का अमल किया जाता है।

शैतान की बेटी को हाजिर करने का अमल

शैतान की बेटी को हाजिर करने का अमल – Shaitan Ki Beti Ko Hazir Karne Ka Amal, Dua, Wazifa, अलौकिक ताकतवर शक्तियों मंे शैतान की बेटी को हाजिर करने के अमल को सात दिनों तक किया जाता है। ऐसा कर उसकी शक्ति को साध लिया जाता है।

शौतान की बेटी एक तरह से जिन्न ही है, जिनकी नकारात्मक क्षमता से बुराई को खत्म किया जा सकता है। वैसे किसी को भी हाजिर करने के अमल की दुआ के लिए पढ़ा जाने वाला आयत है-

लाइलाहा इल्ला अनता सुबहानका इन्नि कुंतु मिन्ज जावाल्लिन।

Shaitan Ki Beti Ko Hazir Karne Ka Amal

मौलवी की सलाह के अनुसार इसे बेहद सुकून वाले जगह में 777 बार सात दिनों तक पढ़ा जाना चाहिए। हर दिन एक निश्चित समय में प्रातः नौ बजे तक या फिर रात्री मंे नौ बजे के बाद पढ़ना चाहिए।
अपने शरीर पर 11 बार आयतल कुर्सी को पढ़कर फूंक लेना भी बेहतर होगा।
इसके पहले और आखिर में 11-11 बार दुरूद इब्राहिम को पढ़ना जरूरी है।
यह सब हर दिन आंखें बंदकर किया जाना चाहिए। इसकी मियाद पूरी होने के दिन आंखों के सामने एक स्पष्ट इंसानी छाया उभरेगी, जो एक खूबसूरत युवती की होगी। वह हर आदेश का पालन करने के लिए बदले की भावना लिए हुए तत्पर रहेगी।
उभरती हुई तस्वीर के साथ सवाल-जवाब का सिलसिला शुरू होेने पर अपना मनोवांछित प्रयोग कर सकते हैं।
उस तस्वीर को अपने समाने जलती हुई मोमबत्ती की लौ या शीश में भी देखी जा सकती है।

जिन्नात को हाजिर करने का अमल

जिन्नात को हाजिर करने का अमल – Jinnat Ko Hazir Karne Ka Amal, Dua, Wazifa, अच्छे काम करने, किसी मुसीबत से छुटकारा पाने, या फिर किसी को वशीभूत करने की महत्वाकांक्षा पूरी करने वाले व्यक्ति को पहले जिन्नात हाजिर करने का अमल करना जरूरी होता है।

इसके लिए र्कुआन में दिए गए आयत

‘‘लाकुन्ना हुआल्लाहु रब्ब नला उसरीकु बिरब्बि अहद’’

का 40 दिनों के भीतर अमल पूरा कर लेना चाहिए। इसकी तरकीब इस तरह बताई गई है-

Jinnat Ko Hazir Karne Ka Amal

अमल करने से एक दिन पहले आयत पढ़ने संबंधी मन के भीतरी भय को दूर कर हिम्मत जुटानी है। इस दौरान आयत को कंठस्थ कर लेना चाहिए।
इस अमल को करने में कुल छह घंटे का समय लग सकता है, इसलिए जुमेरात की रात को 11 बजे के बाद घर के एकांत कमरे का चयन करें और नया सफेद पोशाक पहनें।
अपने साथ सुगंधित फूल और इत्र की शीशी भी रखें। दुर्गंध वाली किसी भी चीज को हटा दें और वजू करने के बाद सफेद चादर बिछाकर बैठ जाएं।
अमल की शुरूआत करने से पहले दो रकत नमाज अदा करें। प्रत्येक रकत में सुराह फतेहा या सुरात नसह को दस बार पढ़ें।
फिर चार आयतालकुर्सी को एक बार पढ़ें और एक कांच के हरे रंग की चूड़ी पर तीन बार दम करें। उसी चूड़ी से अपने चारो ओर एक दायरे बना लें।
ऊपर बताए गए आयत को सवा लाख बार पढ़ना है। इसे हर दिन जितना अधिक पढ़ा जाएगा, वह उतना ही जल्द निर्धारित मियाद में अमल पूर हो पाएगा।
अमल के खत्म हो जाने के बाद नजरों के सामने जिन्न एक साक्षात स्त्री की छाया के रूप में दिखेगी। अदब के साथ दुआ करगी। उसके ऐसा करते ही आप उससे वादा लें कि आपके द्वारा बुलाए जाने वाह आपकी खिदमत में हाजिर हो जाए। यह कहते हुए उसके बाद इत्र की शीशी से गिराकर फैला दें।

परियों को हाजिर करने का अमल

परियों को हाजिर करने का अमल – Pariyon Ko Hazir Karne Ka Amal, Dua, Wazifa, बच्चों की किस्से-कहानियों में जादूई चमत्कार करने वाली परी को देखने और दोस्ती करने की तमन्ना हर किसी को होती है। क्या आप जानते हैं कि उसे इस्लामी इबादत और अमल के जरिए नेक-नियत वाली परियों को हाजिर किया जा सकता है।

उससे बातें की जा सकती है और उसकी मदद से अपनी समस्याओं को समाधान पाया जा सकता है। इस अमल को कायदे से करने की तरकीब इस प्रकार है-

Pariyon Ko Hazir Karne Ka Amal

इस अमल के लिए नौचंदी की इतवार या जुमेरात का या फिर बुधवार का दिन निर्धारित करें। पाक-साफ होकर सुबह नौ बजे के करीब सफेद पोशाक धारण करें।
बेहतरीन खुशबू लगाएं और एकांत जगह पर सफेद चादर बिछाएं। अपने साथ दो गेहूं के आटे की रोटी और दो बेसन के लड्डूओं को अपने सामने रखें।
संदल की अगरबत्ती जलाएं। शुरूआत दो रकत की नमाज से करते हुए 11 बार दुरूद शरीफ पढ़ें। उसके बाद 1000 मरतबा सुराह फतेह पढ़ें। फिर दुरूद शरीफ 11 बार पढ़कर अंत में खाने की वस्तुओं पर फूंक मारें।
आंखें बंद कर परियों का तस्सबुर करें। चंद लम्हे में आप पाएंगे कि वे आपकी आखों के सामने आ चुकी हैं। उनकी सलामती की बात करते हुए बुलाने पर आने का वादा लें। उन्हें अपना हाल-ए-दिल सुनाते हुए महत्वाकांक्षाओं के बारे में भी बताएं।
रोटियों को टुकड़ कर लड्डुएं के साथ बच्चों के बीच बांट दें।

Featured Kisi Ka Muh Band Karne Ka Wazifa

Kisi Ka Muh Band Karne Ka Wazifa


एक महान दर्शनिक गायबल्स ने कहा था कि यदि किसी झूठ को सौ बार बोला जाए तो वह सच बन जाता है। यही कहावत आज हर परिवार या व्यक्ति के बारे में बोले जोने वाले दुष्प्रचार या झूठी बातों पर भी लागू होती है। ईष्र्या की भावना से कुछ लोग दूसरों के बारे में बुरा ही बोलते रहते हैं।

ऐसा नीचा दिखाने या उनकी तरक्की में रोड़ा अटकाने के लिए करते हैं। उन्हें समझाने के बाद भी वे नहीं समझते हैं। इसका परिवार पर बुरा असर पड़ता है। इस स्थिति में कुछ लोग अवासद से घिर जाते हैं। जबकि कुछ लोगों और परिवारों के बीच घनघोर दुश्मनी हो जाती है।

अगर कोई शख्स गाली और गलत जुबानी से आपकी समाज में इज्जत उछालता है, तो उसे उसके खिलाफ मुंह बंद करने का वजीफा पढ़ने का अमल करना चाहिए। इस वजीफे की आयतों का जिक्र र्कुआन-ए-पाक में किया गया है। इसके बारे मंे जानकार मौलवी से सलाह लेकर निम्न तरह के तरीके अपनाएं।

सबसे पहले उस व्यक्ति का नाम जेहन में बिठाएं, जिनकी जुबान को बंद करनी है।
प्रातः मगरीब की नमाज पढ़ने के बाद उसकी तस्वीर अपने सामने रखें या सादे कागज पर उसका काली स्याही से नाम लिखकर रख लें।
कुल 49 बार बार मुहं बंद का वजीफ पढ़ने से पहले और अंत मंे 11-11 बार दुरूद शरीफ पढ़ें।
उसके बाद सुराह यासीन को 11 बार पढ़कर सामने रखी तस्वीर फूंक मारें। इस अमल को लगातार 21 दिनों तक करें। यदि इसे कोई औरत करती है तो वह माहवारी के दिन इसे नहीं करे।

सास का मुंह बंद करने सा वजीफा

सास का मुंह बंद करने का वजीफा – Saas Ka Muh Band Karne Ka Wazifa, Tarika, Totka, Dua, Amal, अधिकतर घरों के सास की जुबान कतरनी जैसी बहू के खिलाफ चलती ही रहती है। बहू को भला-बुरा कहना उनकी रोजमर्रे की जिंदगी में शामिल रहता है।

दूसरी तरफ बहू सास की बदजुबान और ताने मारने से परेशान रहती है उसकी वजह से दूसरे घरेलू काम बिगड़ जाते हैं। शौहर और बीवी के बीच लड़ाई भी हो जाती है।

सास की कड़वी जुबान को जायज मकसद के लिए किसी मौलवी से सलाह-मश्विरे के बाद उनके बताए गए वजीफे को निम्न तरीके से पढ़ना चाहिए। अमल में लाया जाने वाले वजीफे को इंशा की नमाज के बाद पढ़ें। वजीफा है-

वा तम्मात कालीमतु रब्बीका सिदक्वनव वा अदला, ला मुबाद्दिला लाी कालीमंतिह, वा हुवास समीउल अलीम।

Saas Ka Muh Band Karne Ka Wazifa

इसके पहले और आखर में तीन-तीन बार दुरुद शरीफ अवश्य पढ़ें। अंत मंे ताजा रोटी पर दम करें।
वही रोटी सास की थाली में भोजन के साथ परोस दें। रोटी खाने के बाद ही सास की जुबान में मिठास आ जाएगी। इसे तबतक करें जबतक कि सास पूरी तरह ताने मारना नहीं छोड़े।
ध्यान रहे वजीफे को माहवारी के दिनों में नहीं करें। एक अन्य वजीफे को भी पहले जैसे ही किया जा सकता है। वजीफा है- वा अल्लहु अला मुबीअ दाईकुलम वा कफा बिल्ट लाही वाल्या वां कफा लाही ना सीरा।
हुक्म चलाने वाली सास की जुबान को रोजाना सूरह लहाब की दुआ अस-सलाम अलाइकुम को रोजाना 111 बार 11 दिनों तक पढ़कर भी बंद किया जा सकता है।

दुश्मन का मुंह बंद करने का वजीफा

दुश्मन का मुंह बंद करने का वजीफा – Dushman Ka Muh Band Karne Ka Wazifa, Tarika, Totka, Dua, Amal, कुछ बदजुबानी हरकतें दुश्मनों के जरिए भी की जाती हैं। उनकी वजह से काफी नुकसान उठाना पड़ सकता है। कई बार बना-बनाया काम बिगड़ जाता है।

इसके लिए र्कुआन-ए-पाक की आयतें पढ़कर जुबान बंद करने की दुआ करना चाहिए। मौलवी के अनुसार दुश्मन की ताकत या गंदी जुबान की हरकतों के अनुसार वजीफा का उपाय करना चाहिए। उसका तरीका इस प्रकार है-

Dushman Ka Muh Band Karne Ka Wazifa

शुरूआत मंगलवार और शनिवार को छोड़कर किसी भी दिन किया जाना चाहिए। वजीफा पढ़ने का वक्त रात को दस बजे के बाद हो।
दुश्मन का तस्सबुर करते हुए फर्ज नमाज पढ़ें और अल्लाह ताला से दुश्मन की जहरीली और दुष्प्रभावी जुबानों को बंद करने की दुआ करें। अपनी तरफ से दुश्मन को किसी भी तरह से नुकसान पहुंचाने की नीयत नहीं रखें।
हर नमाज के बाद 41 मर्तबा दिया गया आयत पढ़ें। आयत है- सुम्मुन बुकमुम उम्युन फहुम ला यार जी युन। इसके पहले और बाद में दुरुद शरीफ भी सात-सात बार अवश्य पढ़ें। वजीफा करने के दौरान दुश्मन की तस्वीर जेहन मंे ध्यान करें। संभव हो तो हाथ में उसकी तस्वीर भी रख लें।
मुंह में काली मिर्च रखकर 117 बार सिर्फ सुरहें पढ़ें। उस वक्त विस्मिल्लाह और दुरूद नहीं पढ़ना है।
अंत में तस्वीर पर दम करते हुए उसके निवास स्थान की दिशा में फूंक मारें। तस्वीर को काली या लाल स्याही से पोत दें। इसे लगातार सात दिनों तक करें। उसके बाद भी असर नहीं दिखे तो वजीफा 21 या फिर 41 दिनों तक निश्चित समय पर जारी रखें।

शौहर का मुंह बंद करने का वजीफा

शौहर का मुंह बंद करने का वजीफा – Shohar Ka Muh Band Karne Ka Wazifa, Tarika, Totka, Dua, Amal, हर विवाहिता चाहती है कि उसका शौहर उसके साथ प्यार से पेश आए। अच्छी और प्यार की जुबान में बातें करे। किंतु छोटी-छोटी बातों को लेकर शौहर बीवी की तौहीन करता रहता है।

यहां तक कि धमकियांे के साथ उसका मानसिक शोषण भी किया जाता है। उसके खिलाफ उसकी खुली जुबान बंद ही नहीं होती है। ऐसे शौहर की बेवजह खुलने वाली मुंह को बंद करने के लिए घरेलू टोटके के साथ वजीफा लगातार सात या 11 दिनों तक पढ़ना चाहिए।

Shohar Ka Muh Band Karne Ka Wazifa

वजीफा किसी भी दिन शुरू किया जा सकता है, लेकिन समय रात को 11 और 12 बजे के बीच का होना चाहिए। अपने साथ में एक ग्लास पानी और एक पुड़िया चीनी की रख लें।
र्कुआन की आयातों में बताए गए उसी आयात को अच्छी नियत के साथ पढ़ना चाहिए जिसका प्रयोग सास की मंुह बंद करने के लिए किया जाता है।
आयत को 121 बार पढ़ने के बाद पानी के ग्लास और चीनी की पुड़िया पर दम करें।
पानी का आधा हिस्सा घर के कोने में छिड़क दें और बाकी शौहर के पीने के पानी में मिला दें। कुछ घूंट खुद भी पी लें। इसी तरह से दम किए गए चीनी से ही शौहर के साथ-साथ खुद के लिए सुबह की चाय बनाएं।
अगर शौहर की तरफ से परेशानी बहुत अधिक है तो प्रतिदिन 1000 बार सुरह लुहाब का वजीफा पढ़कर पानी पर फूंक मारें और खुद पी लें। ऐसा चालीस दिनों तक करने से शौहर की जुबान में मिठास घुल जाएगी और वह नापतौल कर जो भी बातें करेगा उसमें ताने कम प्यार-मनुहार की झलक ज्यादा दिखेगी।

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Dushman Ka Ghamand Todne Ka Wazifa


कई बार आपका दुश्मन आपको नीचा दिखने के लिए तरह-तरह के पैतरों को आजमाता हैं और इसमें यदि वह सफल हो जाता हैं, तो उसे खुद के अजय होने का घमंड भी हो जाता हैं| वह अपने इस घमंड को समय सामय पर आपके समक्ष प्रस्तुत भी करता हैं| आज हम इस लेख में,‘दुश्मन का घमंड तोड़ने का वजीफ़ा’, के बारे में जानेंगे|

दुश्मनों से निपटने के लिए सबसे आसान तरीकों में से एक है उस के घमंड को तोड़ देना| इसका सीधा सा मतलब है कि आप उसे ऐसा सबक सीखाते हैं कि हमेशा के लिए वो आपसे दूरी बना लेता हैं |

आप ऐसा इसलिए करते हैं ताकि वो आपके जीवन में हस्तक्षेप न करें और आपको सभी संभावित तरीकों से प्रभावित करना बंद कर दें। दुश्मन से छुटकारा पाने के लिए प्रभावी इस्लामी वजीफ़ा नीचे बताया गया हैं:

यह वजीफ़ा रात में की जानी चाहिए| यदि मध्य रात्री से शुरू करे तो ज्यादा सही रहेगा|

काले धागे में शम्मी पेड़ की जड़ों से बनी माला पहनें। आपको इसे अपनी गर्दन के चारों ओर शनिवार या सोमवार को पहनना चाहिए। इसे पहनने के बाद आपको हल्दी से बने एक मनके की आवश्यकता है।
अब आपको पूर्व दिशा में मुंह करके बैठना जाना हैं और इस वजीफ़ा को 100 मर्तबा दुहराना हैं-

“अलीम वलिम शौकत वकारे रसुद्दीन अजितुल्लाह नसवेतर नस्ट्रोदस नसीम”

इस वजीफ़ा को पढ़ने के बाद आप अपने दुश्मन को याद करके अल्लाह-ताला से उसके शिकस्त की दुआ करे|

यह वजीफ़ा बहुत ही कारगर हैं| इसे एक हफ्ते तक लगातार दुहराने से आपको जल्द ही दुश्मन के बरबादी की खबर सुनने को मिलेगा|

दुश्मन को चुप करने का वजीफा

दुश्मन को चुप करने का वजीफा – Dushman Ko Chup Karane Ka Wazifa, Dua, Amal, Istikhara, Tarika, Upay, एक बार जब आपको पता चलता है कि आपके दुश्मन हैं तो यह बहुत संभव हो जाता है कि आप इससे प्रभावित होते हैं। यह आपके तनाव के स्तर को बढ़ा सकता है और आप ज्यादातर समय चिंतित महसूस करना शुरू कर सकते हैं।

आज हम आपको ऐसे वजीफा के बारे में बताएँगे,जिसके उपयोग से आप अपने दुश्मन को खुद के खिलाफ बोलने से चुप करा सकते हैं| इसके लिए आपको निम्न उपाय करना होंगा:-

Dushman Ko Chup Karane Ka Wazifa

इस उपाय का उपयोग तब किया जाता है जब आपको अचानक पता चलता है कि आपके कई दुश्मन हैं और वो चारो ओर आपके खिलाफ बोल कर आपकी इज्जत को खराब कर रहे हैं|
इस वजीफा को करने से पहले नहा-धो कर ताजा वुजू बना ले| अब पीले कपड़े पहन कर पीले रंग की चटाई पर बैठ जाए|आपकोअब थोड़े से सरसो के दाने, उड़द के दाल, थोड़ा सा चावल और शीशम के कुछ पत्तों की आवश्यकता होंगी|

प्रत्येक वस्तु को मिला कर एक छोटी पोटली बना लें। इस पोटली को सामने रख कर इस वजीफा को 100 मर्तबा दुहराये-

औरम हीराम नौशिदिन असुद्दीन रसूल्लाह नाज़िम नक्सेतुल्लाह जायरीन|”

वजीफा को पढ़ने के बाद पोटली को उठा कर कहीं सुरक्षित रख दे| अगले दिन फिर इस प्रक्रिया को पोटली के साथ दुहराये|

इस प्रक्रिया को नियमित रूप से 15 दिन करे और पंद्रहवें दिन पोटली को घर के पीछे मिट्टी में दबा दे| इस वजीफा के असर से अंततः आपका दुश्मन आपके खिलाफ बोलना छोड़ देगा|

दुश्मन को सबक सिखाने का वजीफा

दुश्मन को सबक सिखाने का वजीफा – Dushman Ko Sabaq Sikhane Ka Wazifa, Dua, Amal, Istikhara, Tarika, Upay, कई लोग ऐसे होते हैं जो आपके दुश्मन बन जाते हैं| कभी-कभी आपके जानने के बिना भी ये आपसे दुश्मनी मोल ले लेते हैं|।

ये लोग आपसे कई कारणों से नफरत कर सकते हैं, हालांकि यह मुख्य रूप से आपसे ईर्ष्या होने के कारण ऐसा होता है। यदि आप अपने ऐसे दुश्मनों को मुह तोड़ जवाब देना चाहते हैं, तो आप नीचे दिये हुए वजीफा को अक्षरश: आजमाए|

Dushman Ko Sabaq Sikhane Ka Wazifa

दुश्मन अक्सर छिप कर वार करते हैं| ऐसे दुश्मनों को सबक सीखना बहुत जरूरी होता हैं,ताकि आगे से वो कोई ऐसा कार्य करने की हिम्मत न करे|
‘दुश्मन को सबक सिखाने का वजीफा’, के प्रयोग से पहले आपको अपने दुश्मन की तस्वीर का इंतजाम करना होगा|
अब किसी तन्हा जगह पर बैठ कर सबसे पहले दारुदे-शरीफ को तीन मर्तबा पढ़ ले| अब कायनात की जिन्न की शक्तियों को याद करके “बिस्मिल्लाह तुन शाम किन रहमान”, इस वजीफा को 100 मर्तबा पढ़ते हुए दुश्मन की तस्वीर पर फूँक मारे|

वजीफा पढ़ने के बाद वापस से दारुदे शरीफ को पढ़े| इसके बाद अल्लाह-ताला से दुश्मन की हार के लिए दुआ करे| ये सब प्रक्रिया करने के बाद दुश्मन के तस्वीर को जलाते हुए जिन्नात से दुआ करे की जिस प्रकार यह तस्वीर जल कर ख़ाक हो गयी, वैसे ही दुश्मन का अकड़ ख़ाक हो जाए|

इस वजीफा से आपके दुश्मन को वो सबक मिलेगा कि वह ताउम्र आपके सामने खड़े होने की हिम्मत नहीं करेगा|

दुश्मन को झुकाने का वजीफा

दुश्मन को झुकाने का वजीफा – Dushman Ko Jhukana Ka Wazifa, Dua, Amal, Istikhara, Tarika, Upay, क्या आपके दुश्मन ने आपके जीवन को नष्ट करने की कोशिश में लाइन पार कर ली है? यदि ऐसा है, तो आप इस्लामी उपायों की कोशिश कर सकते हैं जो आपके दुश्मन के जीवन को नष्ट करने में मदद करते हैं।

जब आप उनसे बदला लेना चाहते हैं तो आप इनका इस्तेमाल कर सकते हैं। दुश्मनों को नष्ट कर के उन्हें खुद के कदमों में झुकने के अमल कुछ इस प्रकार हैं:

Dushman Ko Jhukana Ka Wazifa

आपको इस वजीफा को आजमाने से पहले किसी मजार पर जाना होगा और वह से थोड़ी मिट्टी ले कर आना होगा| अब कुरान शरीफ को सामने रख कर इसके सामने किसी पात्र मजार की मिट्टी को डालमें कर उसके ऊपर दो लौंग को जला दें|
इसके बाद कुराने-पाक का पाठ करें। फिर लौंग की राख और मिट्टी को अपने पेशानी पर लगाएं। इसके बाद आप अपने दुश्मनों को नियंत्रित करने के लिए इस वजीफा का पाठ करे ताकि वे आपको नुकसान न पहुंचा सकें:
“औरम हातिम हतताई पूरितुम अकबरे अजितुल्लाह अस्सीदिन|”

आपको इस वजीफा को किसी जुम्मे के दिन से या शनिवार को शुरू करना हैं| और हफ्ते भर लगातार दुहराना हैं|
एक हफ्ते के अंदर-अंदर आपको अपने दुश्मन के क्षति के बारे में पता चलेगा| अल्लाह-ताला की रहमत आपके ऊपर होने से आपका दुश्मन हर चीज में घाटा का सामना करेगा| उसका जीवन जहन्नुम में बदल जाएगा|
इस प्रकार एक वजीफा के प्रयोग मात्र से आप अपने मकसद में कामयाब हों जाएगे| आपका दुश्मन अपने घुटनों के बल आ जाएगा|
आप जो चुनते हैं वह पूरी तरह आप पर निर्भर करता है। एक निश्चित निर्णय लेने से पहले ठीक से सोचें। कभी-कभी आप अपने दुश्मन पर ध्यान केंद्रित करने और उनसे छुटकारा पाने में इतना प्रयास करते हैं कि आप अपना जीवन जीना बंद कर देते हैं।

आप जानकार से बात करने के साथ-साथ अपनी समस्या के बारे में क्या करना है, यह इस लेख में भी पढ़ सकते हैं। यह सलाह दी जाती है कि आप अपने अंतर्ज्ञान का पालन करते हुए किसी वजीफा या अमल का इस्त्माल करनी चाहिए|

यह लंबे समय तक अवसाद का कारण बन सकता है। यह निश्चित रूप से आपके जीवन का आनंद नहीं लेगा क्योंकि आप भयभीत हैं कि आपका दुश्मन आगे क्या कर सकता है। अब आप सोच रहे होंगे कि जब आपको एहसास होता है कि आपके एक या एक से ज्यादा दुश्मन हैं तो आप क्या करते हैं?

आप उनसे छुटकारा पाने, उन्हें हराने और / या नष्ट करने के लिए ज्योतिषीय उपाय और विशिष्ट मंत्रों को लागू कर सकते हैं। कुछ ऐसे टोटके भी हैं जिन्हें आप अपने दुश्मनों से ठीक से निपटने और उन पर विजय पाने के लिए कर सकते हैं।

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